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Friday, 9 January 2026
"गोपाल"बनके ये महाभारत देखता हूँ..
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सुबह शाम रिश्तो की तिज़ारत देखता हूँ "गोपाल"बनके ये महाभारत देखता हूँ सच बरसो बरस एक सुनवाई को तरशता हैं झूठ की चंद घंटों की ...
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Saturday, 29 November 2025
चलो छोड़ो ये तो तुम्हारी पुरानी आदत है..
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हमी से की मोहब्बत हमी से शिकायत है चलो छोड़ो ये तो तुम्हारी पुरानी आदत है तुम वादा तो करो हम इंतज़ार ही कर लेंगे कई दिनों से मेरे अंदर कुछ ...
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Monday, 8 September 2025
ना थे जो सुलझानें वो मसले कब सुलझा सके..
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तुम हमें समझ ना सके ना हम तुमको समझा सके, ना थे जो सुलझानें वो मसले कब सुलझा सके, यही था गर होना नसीब में, तो हो के रहा, गले लगाने उठे थे हा...
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Monday, 16 June 2025
अब मैं क्या करूँगा..??
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मांग कोई सुनी सजा के पुष्प मरुस्थल में खिला के फिर कोई संकल्प उठा के अब मैं क्या करूँगा चक्रव्यूह जब तोड़ न पाया लोह भुजा का निचोड़ न पाया य...
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Friday, 18 April 2025
वक़्त
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वक़्त जब हाथ से फिसल जायेगा, दिन किसी कोने मे जा छुप जायेगा सीने के गर्म खून थम जाएगा यकीन थोड़ा उम्मीद में बदल जायेगा तब तुम्हे मेरा दर्द कुछ...
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