मेरी इस प्यास की कही तो ताब होगीं,
एक चिंगारी की कही आग होगीं,
मेरी हर बूँद में,इश्क़ का समुन्दर हैं,
प्यासा रख कर,तू भी कहाँ आबाद होगीं,
प्यासा रख कर,तू भी कहाँ आबाद होगीं,
मत करो फ़ोन बारहां नंबर बदल-बदल के,
हमको-तुमको तकलीफें बेहिसाब होगीं,
हमको-तुमको तकलीफें बेहिसाब होगीं,
खामोश देखता हूँ मैं तेरी बदगुमानिया,
कभी तो हद से पार मेरी बर्दास्त होगीं,
कभी तो हद से पार मेरी बर्दास्त होगीं,
मेरे सच को तुम यू ज़िंदा दफना नही सकते,
एक रोज़ कब्रे खोद,फिर शिनाख्त होगीं,
एक रोज़ कब्रे खोद,फिर शिनाख्त होगीं,
उसे हो,तो हो के रहे घमंड अपनी दौलत पे,
ख़ाक से बनी थी दुनिया,रिस के फिर ख़ाक होगीं,
ख़ाक से बनी थी दुनिया,रिस के फिर ख़ाक होगीं,
ग़लतफ़हमी का मट्ठा इतना जड़ो ने पी लिया,
अब नही लगता कि बस्तियां फिर शाद होगीं...
अब नही लगता कि बस्तियां फिर शाद होगीं...

