Wednesday, 6 March 2024

आँख नम हैं दिल में ख़ुमारी हैं….






आँख नम हैं दिल में ख़ुमारी हैं,
आज फिर तुम्हारी जिद पे उम्मीद हारी हैं,

बड़ी शिददत से दिल में संभाल रखा था,
अपनी नज़दीकियों की जो थोड़ी उधारी हैं,

जुदा हुये थे तो उसे एहसास ही ना था,
ठहरे पानी में गहराई कितनी सारी है,

चंद दिनों में ये दुनिया भूल ही जायेगी,
बस तेरे-मेरे सिर पर ये बोझ कितना भारी हैं,


Tuesday, 20 February 2024

अब उस तरहँ के जज़्बात नहीं होते

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वक्त नहीं मिलता हालात नहीं होते

अब उस तरहँ के जज़्बात नहीं होते


जब कभीं फ़ोन उठे या ऑनलाइन दिखे

खुदको ज़ाहिर करने को अल्फ़ाज़ नहीं होते,



धीरे धीरे आँखो ने ये दिन भी दिखाये,

रो देते थे जिन बातो पर अब उदास नहीं होते


तालुख़ इस क़दर अपने तलख़ हुये,

दूर बहुत हो जाते है जब जरा पास नहीं होते.


अक़सर छूट जाते है दोस्त,दोराहों पर,

तक़रीरों में उसूलों के फ़िराक़ नहीं होते.