Friday, 17 January 2020

हमने तुमसे कोई शिकायत कहां की हैं ....







दर्द ने किस कदर इंतेहा की हैं,
हमने तुमसे कोई शिकायत कहां की हैं,

जिस तरह हमने हज़ार मिन्नते की
तुमने वैसे अभी इल्तेज़ा कहा की हैं
बैठ कर वही घण्टो खुदको ढूंढा हैं
तेरे बाद भी इश्क़ की हर रेशम अदा की हैं
जब भी एक कतरा नमी तेरी आंखों में देखी
हमने अपने दिल की हर आरज़ू दबा दी हैं
सारा इल्ज़ाम सारा कसूर अब तेरे सर हैं
मैंने तो अपने दिलकी तुझे बता दी हैं,
लाख रात भर रोकर भी समझ ना पाया हूँ,
प्यार करके हमने कौनसी खता की हैं,
बस एक ग़ज़ल दिल में छुपा के रखी हैं
जबके हमने तेरी हर बात भुला दी हैं

Saturday, 28 December 2019

जिंदा हो तो आदमी की तरह बात करो...






खुद से जिद करो,जहन से सवालात करो,
आदमी हो तो आदमी की तरह बात करो


लोग खीच खसोट कर ले जाएंगे,
अपनी हदो में अपनी हदो को बिसात करो,

बेरोजगारी और भूख का रोना मत रोओ,
थोड़ी मेहनत करो फिर बात करो,

एक बार जो तुम अपना आसमा ढूंढ लो,
उसे पाने को फिर दिन रात करो,

हाथ मिलाओ गले मिलो सलीके से,
इहतियाद से शहर में लोगो से मुलाक़ात करो,

सिर्फ वज़ू का नाम नही है सलह,
ईमान के रास्ते पे सफ़र हयात करो,

पहले ख़ुद हल पकड़ना तो सीख लो,
फिर फसल का इंतख़ाब करो.....