हसी पनाह देखी दर्द भरी आह देखी
बदनसीब आँखों ने दुनिया बेइंतेहा देखी..
रातभर अपने अपने हिस्से के बिस्तर में सिमटते रहे
देखने वालो ने हमारी दुरिया कहा देखी.
फकद मुर्दो की भीड़ में कैद हैं ज़िन्दगी
आज के इंसा ने आदमियत कहा देखी.
तेरे मेरे दरमियान फासले लाज़मी थे
तूने अपनी ज़रूरते देखी हमने तेरी जुबा देखी
बड़े सलीके से उसने दुनियादारी पहन ली
वही सूरत हमने तो हर जगह देखी
हुस्न लैला ने मजनू को किया बदनाम
इश्क़ मीरा जिसने जहर मैं भी दवा देखी
बदनसीब आँखों ने दुनिया बेइंतेहा देखी..
रातभर अपने अपने हिस्से के बिस्तर में सिमटते रहे
देखने वालो ने हमारी दुरिया कहा देखी.
फकद मुर्दो की भीड़ में कैद हैं ज़िन्दगी
आज के इंसा ने आदमियत कहा देखी.
तेरे मेरे दरमियान फासले लाज़मी थे
तूने अपनी ज़रूरते देखी हमने तेरी जुबा देखी
बड़े सलीके से उसने दुनियादारी पहन ली
वही सूरत हमने तो हर जगह देखी
हुस्न लैला ने मजनू को किया बदनाम
इश्क़ मीरा जिसने जहर मैं भी दवा देखी