Saturday, 25 September 2021

ज़िन्दगी तुझसे अब पहली वाली मुलाकात नही होती....






कुछ कभी अच्छा नही लगता,कुछ मेरे जैसी बात नही होती,

ज़िन्दगी तुझसे अब पहली वाली मुलाकात नही होती,


वक़्त के दरिया में तिनके सा बहा जाता हूँ,

कोई मौजे नही उठती कोई बरसात नही होती,


बेरंग बेनूर बड़ी बेशर्म सी दौड़ धूप में मसरुख होगया हूँ,

किसी के जाने से ज़िन्दगी अब उस तरह दुस्वार नही होती,


 दो पाटों की चक्की में पीस रहे है दिन रात मेरे,

कोई जीत से जीत नही होती,हार से भी अब हार नही होती..


Sunday, 18 April 2021

तेरे घर से उड़ती हुई हवा आयीं है,









दर्द के शहर में दवा आयीं हैं,
तेरे घर से उड़ती हुई हवा आयीं है,

कैसी उम्मीद अब तो तस्व्वुर ज़िंदगानी है,
उम्र सारी जवानी,बचपन में ही लुटा आयी है

ये सजावट ये भीड़ सब बेरंग है,
जब तक महफ़िल में तू नही आई है,

जाते जाते हाथ छुड़ा कर कह गयी,
बाहर को लेने आज फिज़ा आयी है,

मैं तो कहता था इतने दूर मत जाओ,
मुँह छुपाना ही अब मर्ज की दवाई है,