Monday, 13 April 2020

मेरे दिल में एक ख़ुशनुमा एहसास हो...







तुम दूर हो या पास हो
मेरे दिल में एक ख़ुशनुमा एहसास हो...
सवाल हो ख़्याल हो,
मेरी खामोशी हो मेरा राज हो,
मैं तुम्हारा गीत हूँ तुम मेरी आवाज हो,
हर सुबह का रंग हो,
मेरी सब शाम की उमंग हो
हर वक़्त तुम मेरे संग हो
मेरे दुःख में,मेरे दर्द में,
ज़िन्दगी की हर गर्त मैं 
हौसला हो विश्वास हो
तुम दूर हो या पास हो
मेरे दिल में एक ख़ुशनुमा एहसास हो...

दिल जब कभी उदास हो,
कोई दूसरा ना मेरे पास हो,
दुनिया मेरे जब ख़िलाफ़ हो,
तुम तब भी मेरे साथ हो,
कमज़ोरी को ताक़त बनाते हो,
आँसुओ में मुस्कुराते हो,
मुझमे ही दुनिया बसाते हो,
मेरे सिर्फ मेरे हो जाते हो
तुम्हारे नाम से ही हर शुरुवात हो,
इतने तुम हमारे लिए ख़ास हो
तुम दूर हो या पास हो
मेरे दिल में एक ख़ुशनुमा एहसास हो...



Sunday, 29 March 2020

दिन जब दिहाड़ी हो,लॉकडाउन आनंद विहार हैं....







माना उदास शाम हैं मगर घबराओ नही,
फिर सूरज निकलेगा,अंधेरो को गले लगाओ नही,

ये बुजदिलो और अंधो की भीड़ हैं जो हावी हैं,
तुम्हें ही बोलेंगे,इनको आईना दिखाओ नही,

दिन जब दिहाड़ी हो,लॉकडाउन आनंद विहार हैं
टीवी में बैठकर हालात का अंदाज़ा लगाओ नही,

शहर की समझदारी,मासूमियत छीन लेगी,
गाँव में बैठकर,फिक्ररे दिल्ली में सर खपाओ नही,

बहुत मुश्किल से मैने ख़ुदको संभाल रखा हैं,
दौरे तन्हाई में नादानी से मेरे पास आओ नही,

मैं जनता हूँ जो तुम्हारे दिल में,मेरी सांसो में हैं,
मुझे अब और दुनियादारी का सबक सिखाओ नही,

उसने बादलों की ओट में एक सूरज छुपा के रखा हैं,
इत्मीनान रखो इतनी जल्दी घबराओ नही,